बॉलीवुड में नाना पाटेकर का नाम आते ही सबसे पहले उनके शॉर्ट टेंपर वाले किस्से याद आ जाते हैं। 1989 में आई फिल्म 'परिंदा' के सेट पर फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा के साथ हुई उनकी हाथापाई की कहानी आज भी चर्चा में रहती है। लेकिन अब नेशनल अवॉर्ड विनर स्क्रीनराइटर रणबीर पुष्प ने नाना पाटेकर को लेकर कुछ ऐसा कहा है, जिसने उनकी छवि और मनीषा कोइराला के साथ उनके रिश्ते, दोनों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

कौन हैं रणबीर पुष्प और क्यों की उन्होंने ये बात

रणबीर पुष्प ने नाना पाटेकर के साथ 1989 में आई साइकोलॉजिकल फिल्म 'अग्नि साक्षी' में काम किया था। यही वजह है कि उनकी बातों को नाना पाटेकर को करीब से जानने वाले शख्स की राय के तौर पर देखा जा रहा है। सवाल यही है कि आखिर सालों बाद उन्होंने अचानक नाना पाटेकर को डिफेंड करने का फैसला क्यों किया?

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नाना पाटेकर की छवि को किया डिफेंड

19 साल छोटी मनीषा कोइराला के प्यार में रहे नाना पाटेकर

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में रणबीर पुष्प ने कहा कि लोगों ने नाना पाटेकर को लेकर गलत धारणा बना रखी है। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर ने एक बार किसानों के परिवारों की मदद के लिए 1.5 करोड़ की कार लेने से इनकार कर दिया था और वह रकम अपने दोस्त के जरिए किसान परिवारों में बंटवा दी, जिसमें हर परिवार को 15 लाख रुपये मिले थे।

इसके अलावा उन्होंने NAAM फाउंडेशन भी बनाया है, जो लगातार फंड्स कलेक्ट करता रहता है। आसान भाषा में कहें तो जिस शख्स को गुस्सैल कहा जाता है, उसकी असल जिंदगी की कहानी कुछ और ही है।

रणबीर पुष्प ने एक ऐसा वाकया भी शेयर किया, जिसमें नाना पाटेकर ने एक कार सवार को प्लास्टिक की बोतल सड़क पर फेंकते देखा। इसके बाद उन्होंने अपनी कार रोककर वह बोतल खुद उठाई और सिग्नल पर उस शख्स को रोककर उसे स्वच्छ भारत अभियान की जिम्मेदारी याद दिलाई। नाना पाटेकर का गुस्सा भले ही मशहूर हो, लेकिन यह किस्सा दिखाता है कि उनका गुस्सा हमेशा किसी वजह से ही निकलता है।

सबसे दिलचस्प खुलासा रणबीर पुष्प ने 'अग्नि साक्षी' की उनकी को-एक्ट्रेस मनीषा कोइराला के साथ जुड़ी अफेयर की उन पुरानी अफवाहों पर किया। उन्होंने माना कि दोनों के बीच जरूर कुछ खास था, हालांकि यह साफ नहीं किया कि वह दोस्ती थी या रोमांस।

उनके मुताबिक दोनों के बीच गहरी अंडरस्टैंडिंग थी और वे कोई भी सीन परफॉर्म करने से पहले आपस में बातचीत जरूर करते थे। रणबीर ने यह भी साफ किया कि उन्होंने यह बातें खुद अपनी आंखों से नहीं देखीं, बल्कि इसके बारे में उन्होंने अखबारों में पढ़ा था, क्योंकि वह खुद सेट पर अपने काम पर ही फोकस रखते थे।

19 साल का एज गैप, फिर भी तीन फिल्मों में साथ

नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के बीच उम्र का फासला करीब 19 साल का था, लेकिन इसके बावजूद दोनों ने साथ में तीन फिल्मों में काम किया। सबसे पहले संजय लीला भंसाली की फिल्म 'खामोशी' में मनीषा ने नाना पाटेकर की बेटी का किरदार निभाया था।

इसके बाद दोनों ने 'अग्नि साक्षी' में साथ काम किया, और फिर 1998 में आई पार्थो घोष की फिल्म 'युगपुरुष' में भी दोनों एक साथ नजर आए। आसान भाषा में कहें तो इन तीन फिल्मों के जरिए ही दोनों की जोड़ी और उनकी नजदीकियों की चर्चा शुरू हुई थी।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर रणबीर पुष्प का यह इंटरव्यू नाना पाटेकर की छवि को एक नए नजरिए से पेश करता है। एक तरफ जहां उनके गुस्सैल स्वभाव की कहानियां मशहूर हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी दरियादिली और मनीषा कोइराला के साथ उनकी पुरानी नजदीकियों की बातें भी सामने आ रही हैं। अब यह तो वक्त ही बताएगा कि इस पुराने रिश्ते की असली सच्चाई क्या थी, लेकिन फैंस के बीच यह चर्चा एक बार फिर गरमा गई है।

Viswanath Dhinda
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Viswanath Dhinda एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट लेखक हैं, जो देश, टेक्नोलॉजी, ऑटो, मनोरंजन और समसामयिक विषयों पर तथ्यपूर्ण एवं विश्वसनीय समाचार लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहु...

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