अगर आप इंटरनेट पर भारत में कितने उच्च न्यायालय हैं सर्च कर रहे हैं तो यह रहा आपका पूरा जवाब। भारत में सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 25 उच्च न्यायालय हैं। यह वही अदालतें हैं जो किसी भी आम नागरिक के लिए न्याय की आखिरी उम्मीद बनती हैं जब निचली अदालत से इंसाफ न मिले। UPSC, SSC, State PCS जैसी परीक्षाओं में भी यह सवाल बार बार पूछा जाता है।

इस Article में समझिए कि भारत में उच्च न्यायालय क्या होता है, सभी 25 उच्च न्यायालयों की पूरी List, सबसे पुराना और नया High Court कौन सा है, संवैधानिक प्रावधान क्या हैं, और कौन से राज्य एक ही High Court Share करते हैं।

उच्च न्यायालय क्या होता है

उच्च न्यायालय एक राज्य में सर्वोच्च न्यायिक निकाय होता है। भारत में, भारतीय संविधान यह प्रावधान करता है कि राज्यों में उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोच्च न्यायालय हैं एवं राज्य के अन्य सभी न्यायालय इसके तहत कार्य करते हैं।

आसान भाषा में समझें भारत में न्याय व्यवस्था का एक ऊपर से नीचे का क्रम है। सबसे ऊपर है सुप्रीम कोर्ट यानी उच्चतम न्यायालय। उसके नीचे आते हैं उच्च न्यायालय यानी High Court। और उसके नीचे जिला अदालतें और अन्य निचली अदालतें होती हैं।

जब कोई व्यक्ति निचली अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं होता तो वह High Court में अपील करता है। और अगर High Court के फैसले से भी संतोष न मिले तो Supreme Court का दरवाजा खटखटाता है। यही है भारत की तीन स्तरीय न्यायिक संरचना।

भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 ने सर्वोच्च न्यायालय के स्थान पर कलकत्ता, मद्रास एवं बॉम्बे के तीन प्रेसीडेंसी शहरों में उच्च न्यायालयों के गठन का प्रस्ताव दिया। यानी भारत में High Court का इतिहास अंग्रेजों के जमाने से शुरू होता है।

भारत में सबसे पुराना उच्च न्यायालय कलकत्ता उच्च न्यायालय है जिसे मई 1862 में ब्रिटिश भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था। बंबई एवं मद्रास उच्च न्यायालय भी उसी वर्ष जून 1862 में स्थापित किए गए थे।

देश की आजादी के बाद जब भारतीय संविधान लागू हुआ तो High Courts को संवैधानिक दर्जा दिया गया। समय के साथ साथ जैसे जैसे नए राज्य बने, नए उच्च न्यायालय भी बनते गए। नवीनतम उच्च न्यायालय तेलंगाना न्यायालय एवं आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय हैं, दोनों की स्थापना वर्ष 2019 में हुई थी।

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भारत के सभी 25 उच्च न्यायालयों की पूरी सूची

भारत में कितने उच्च न्यायालय हैं

नीचे दी गई सूची सभी 25 उच्च न्यायालयों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जैसे गठन का वर्ष, क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र एवं प्रमुख स्थान की जानकारी देती है।

1862 में स्थापित उच्च न्यायालय तीन सबसे पुराने

➤ बॉम्बे उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र महाराष्ट्र, दादरा एवं नगर हवेली, दमन दीव और गोवा पर है। इसकी सीट मुंबई में है और खंडपीठ पणजी, औरंगाबाद एवं नागपुर में हैं।

➤ कोलकाता उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र पश्चिम बंगाल एवं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर है। इसकी सीट कोलकाता में है और खंडपीठ पोर्ट ब्लेयर में है।

➤ मद्रास उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र तमिलनाडु एवं पांडिचेरी पर है। इसकी सीट चेन्नई में है और खंडपीठ मदुरै में है।

1866 से 1916 के बीच स्थापित

➤ इलाहाबाद उच्च न्यायालय 1866 में स्थापित हुआ। यह उत्तर प्रदेश को Cover करता है। इसकी सीट इलाहाबाद और खंडपीठ लखनऊ में है। यह High Court न्यायाधीशों की संख्या के हिसाब से देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय है जहाँ 160 न्यायाधीशों के पद हैं।

➤ कर्नाटक उच्च न्यायालय 1884 में स्थापित हुआ। इसकी सीट बेंगलुरु में है और खंडपीठ धारवाड़ एवं गुलबर्गा में हैं।

➤ पटना उच्च न्यायालय 1916 में बना जो बिहार को Cover करता है।

1948 से 1975 के बीच स्थापित

➤ गुवाहाटी उच्च न्यायालय 1948 में स्थापित हुआ। इसका अधिकार क्षेत्र असम, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश पर है। खंडपीठ कोहिमा, आइजोल एवं ईटानगर में हैं।

➤ ओडिशा उच्च न्यायालय और राजस्थान उच्च न्यायालय दोनों 1949 में स्थापित हुए। राजस्थान HC की सीट जोधपुर में है और खंडपीठ जयपुर में।

➤ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय 1956 में बना। इसकी सीट जबलपुर और खंडपीठ ग्वालियर एवं इंदौर में हैं।

➤ केरल उच्च न्यायालय 1958 में स्थापित हुआ जो केरल और लक्षद्वीप को Cover करता है। गुजरात उच्च न्यायालय 1960 में बना। दिल्ली उच्च न्यायालय 1966 में स्थापित हुआ। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय 1971 में शिमला में बना।

2000 और उसके बाद स्थापित नए उच्च न्यायालय

➤ छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड तीनों उच्च न्यायालय 2000 में स्थापित हुए। छत्तीसगढ़ HC बिलासपुर में, उत्तराखंड HC नैनीताल में और झारखंड HC रांची में है।

➤ त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय तीनों High Court 2013 में बने। क्रमशः अगरतला, इंफाल और शिलांग में।

➤ तेलंगाना उच्च न्यायालय हैदराबाद में, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय अमरावती में और जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय – यह तीनों 2019 में स्थापित हुए।

एक से अधिक राज्यों पर अधिकार क्षेत्र वाले उच्च न्यायालय

यह एक रोचक और परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाने वाला तथ्य है। बॉम्बे उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र महाराष्ट्र, दादरा एवं नगर हवेली, दमन, दीव तथा गोवा पर है। कोलकाता उच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र पश्चिम बंगाल एवं अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर है।

मद्रास उच्च न्यायालय तमिलनाडु एवं पांडिचेरी को Cover करता है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय असम, नागालैंड, मिजोरम तथा अरुणाचल प्रदेश पर अधिकार क्षेत्र रखता है। केरल उच्च न्यायालय केरल एवं लक्षद्वीप द्वीपों को Cover करता है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ पर अधिकार क्षेत्र रखता है।

दो से अधिक राज्यों पर अधिकार क्षेत्र की बात करें तो मुंबई और गुवाहाटी के उच्च न्यायालयों का विस्तार दो से अधिक राज्यों पर है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय सबसे अधिक चार राज्यों पर अधिकार क्षेत्र रखता है।

उच्च न्यायालयों से जुड़े संवैधानिक प्रावधान

भारतीय संविधान में उच्च न्यायालयों के बारे में स्पष्ट प्रावधान हैं जो इनकी नींव और कामकाज को परिभाषित करते हैं। अनुच्छेद 214 के अनुसार भारत के प्रत्येक राज्य में एक उच्च न्यायालय होगा। यह एक मौलिक संवैधानिक गारंटी है।

अनुच्छेद 231 में यह भी उल्लेख है कि दो या दो से अधिक राज्यों अथवा दो या दो से अधिक राज्यों एवं एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक साझा उच्च न्यायालय हो सकता है। इसीलिए पंजाब और हरियाणा जैसे अलग अलग राज्य एक ही High Court Share करते हैं।

अनुच्छेद 221 के तहत उच्च न्यायालय का एक न्यायाधीश पेंशन एवं अनुपस्थिति के लाभों का हकदार होता है। एक न्यायाधीश की नियुक्ति के पश्चात उसके अहित में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। प्रत्येक उच्च न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश तथा कई अन्य न्यायाधीश होते हैं जिनकी संख्या भारत के राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती है।

भारत का सबसे बड़ा और सबसे छोटा उच्च न्यायालय

यह भी परीक्षाओं में बार बार पूछा जाने वाला सवाल है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की सर्वाधिक संख्या है जहाँ कुल 160 न्यायाधीशों के पद हैं। इसलिए यह देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय कहलाता है। यह उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य को Cover करता है इसलिए इसका बड़ा होना स्वाभाविक है। सिक्किम उच्च न्यायालय देश का सबसे छोटा उच्च न्यायालय है। सिक्किम भारत का सबसे कम आबादी वाला राज्य है इसलिए यहाँ का High Court भी सबसे छोटा है।

भारत के सबसे पुराने और सबसे नए उच्च न्यायालय

कलकत्ता उच्च न्यायालय देश का सबसे पुराना उच्च न्यायालय है तथा इसे 1862 में स्थापित किया गया था। 160 से भी ज्यादा साल हो गए हैं इस अदालत को और यह आज भी उसी शान के साथ खड़ी है आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की स्थापना 2019 में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 के तहत राष्ट्रपति के आदेश से की गई थी। इसकी सीट अमरावती में है जो आंध्र प्रदेश की नई राजधानी है। आंध्र प्रदेश अपनी राजधानी अमरावती के भीतर एक विश्व स्तरीय भारत का प्रथम न्याय शहर यानी जस्टिस सिटी निर्मित कर रहा है।

1928 में जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय की स्थापना की गई थी। जम्मू कश्मीर के दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजन के पश्चात अब एक साझा उच्च न्यायालय है। इसलिए यह तकनीकी रूप से नया नहीं है बस इसका नाम और क्षेत्राधिकार बदला है। यह मामला भारत की न्यायिक व्यवस्था के लचीलेपन को दर्शाता है कि जब राज्यों की सीमाएं और दर्जा बदलते हैं तो न्यायिक ढाँचा भी उसके साथ Adjust होता है।

निष्कर्ष

भारत में वर्तमान में 25 उच्च न्यायालय हैं। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के साथ ये 25 उच्च न्यायालय भारत की न्यायिक प्रणाली का गठन करते हैं। 1862 के तीन High Courts से शुरू होकर 2019 के तीन नए High Courts तक का सफर यह भारत की न्यायिक यात्रा है। हर नया राज्य बना, हर बड़ा बदलाव आया उसके साथ न्याय की व्यवस्था भी मजबूत होती गई। अगर आप कोई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो याद रखें 25 उच्च न्यायालय, सबसे पुराना कलकत्ता 1862, सबसे नया आंध्र प्रदेश 2019, सबसे बड़ा इलाहाबाद, सबसे छोटा सिक्किम, और संवैधानिक आधार अनुच्छेद 214 और 231। यह पाँच तथ्य आपके हर exam में काम आएंगे।

Viswanath Dhinda
About the author Viswanath Dhinda

Viswanath Dhinda एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट लेखक हैं, जो देश, टेक्नोलॉजी, ऑटो, मनोरंजन और समसामयिक विषयों पर तथ्यपूर्ण एवं विश्वसनीय समाचार लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहु...

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